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Friday, 2 March 2018

Arguments कैसे बचा जाऐ ।”






 मानव संबंधों में निपूण होने के लिए एक सबसे विशेष कदम जो आप सकते हैं, वह है, सहमत होने की कला में सिद्धि। सच, यही आज के समय में बुद्धिमता के बेशकीमती हीरों में से एक है। जीवनभर शायद आपको कोई चीज इतनी सहायता न कर सके जितनी कि यह कला। , आसान सी सहमत होने की कला ।

जब तक आप जीवित रहें यह कभी न भूलें कि लोगों के साथ असहमत तो कोई भी मूर्ख हो सकता है, और सहमत होने के लिए एक बुद्धिमान, निपुण एवं बड़े आदमी की आवश्यकता होती है – विशेष रूप से तब, जब कि दूसरा व्यक्ति गलती पर हो।


एकमत होने की कला के SIX: STEP हैं।

 1. लोगों के साथ एकमत होना। स्वयं को उस सोच के सांचे में ढालने का प्रयत्न करें।एकमत होने की प्रकृति विकसित करें प्राकृतिक रूप से एकमतीय मनुष्य बनें।

 2. लोगों को बताएँ जब आप उनसे सहमत हों। लोगों के साथ एकमत या सहमत होना ही काफी नहीं है। लोगों को पता भी तो हो कि आप उनके साथ सहमत हैं। जब आप लोगों के साथ सहमत हों तो अपना सिर “हाँ” में हिलाएँ और उनके साथ नजरें मिलाएँ और उनसे कहें – मैं आप से सहमत हूँ” या “आप ठीक है।”

 3. यदि बहुत आवश्यक न हो तो लोगों को यह न बताएँकि आप असहमत हैं।
 ▶अगर आप लोगों के साथ सहमत नहीं हो सकते, और कई बार हो भी नहीं सकते, तो यह बात जताएं नहीं जब तक कि ऐसा करना बहुत जरूरी न हो।
▶आप स्वयं आश्चर्यचकित होंगे कि यह कभी-कभी ही होगा

4. जब आप गलत हैं, तो स्वीकार करें।
 ▶जब कभी भी आप गलत हों, इसे जोर से स्वीकार करें –
 ” मैंने गलती की है।”, ” में गलत था। ” ऐसा करना किसी बड़े आदमी के बस की ही बात है, और जो यह करते हैं, लोग उनकी प्रशंसा करते हैं।
▶साधारण आदमी झूठ बोलेगा, मना करेगा या फिर कुछ और बहाना बनायेगा।

 5. बहस से दूर रहें।
 ▶मानव संबंधों में सबसे कमजोर तकनीक बहस करने की है। अगर आप सही हैं, तो भी बहस न कर। बहस करने से न तो कोई बहस जीतता हैं और न ही मित्र बना पाता है ।

 Argument 6. लड़ाकू लोगों को सही ढंग से पेश आयें
 ▶लड़ाकू लोगों को एक चीज चाहिए – लड़ाई।
▶उनको काबू करने की बढ़िया तकनीक है, उनके साथ लड़ाई करने से मना करना। वे क्रोधित हो कर अपनी चूक निगल लेंगे और मूर्ख दिखाई देंगे ।


एकमत होने की कला के कारण – क) लोग उन्हें ही पसंद करते है, जो उनके साथ सहमत हों। ख) लोग उन्हें पसंद नहीं करते, जो उनसे भिन्न मत रखते हों। ग) लोग अपनी राय की आलोचना पसंद नहीं करते।

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