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Sunday, 4 March 2018

दूसरों की प्रशंसा करने की कला



मनुष्य केवल रोटी पर जीवित नहीं रहता।
मनुष्य को शरीर के साथ-साथ आत्मा के लिए भी खाना चाहिए। आप  को कैसा महसूस होता है जब आपको प्यार के दो शब्द या बधाई दी जाती है? क्या आपको नहीं लगता कि उन चंद शब्दों से आपका दिन सफल हो जाता है? याद करें कितनी देर तक अच्छा यह भाव रहता है।

ठीक, दूसरे भी वैसी ही करेंगे जैसी आप करते ।
प्रतिक्रिया हैं । इसलिए ऐसी बातें कहें जिन्हें लोग सुनना चाहते हैं। वे आपको अच्छी बातें कहने के लिए आपको प्यार करेंगे और आप उन्हें कहने के लिए अच्छा महसूस करेंगे।

उदारता से प्रशंसा करें। किसी व्यक्ति या किसी वस्तु को प्रशंसा के लिए और फिर प्रशसा करें।

लेकिन -

क) प्रशसा दिल से की जानी चाहिए
     
      झूठी-मूठी प्रशसा न कर।

ख) व्यक्ति की नहीं, काम की प्रशंसा करें।
कार्य की प्रशंसा करना शर्मिदगी और भ्रम से बचाता है। यह पक्षपात के आरोपों से बचाता है और यह इसी प्रकार के औरकार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
उदाहरण "जॉन, बीते वर्ष आपका कार्य सचमुच अच्छा रहा। है" (बजाय इसके "जॉन, आप एक अच्छे आदमी हैं।)

" मैरी, आपने वर्षान्त की रिपोर्टों पर एक उत्तम कार्य किया है" (बजाय इसके "मैरी एक अच्छी कार्यकर्ता है")

मि॰ स्मिथआपके बगीचे की बनावट अतिसुंदर है" (बजायइसके "मि. स्मिथआप मेहनत करते हैं।)

किसी भी कार्य या चीज़ को ध्यान में रखकर प्रशंसा करें।

खुशी का तरीका (नियम)।

प्रतिदिन किन्हीं तीन व्यक्तियों को एक अच्छी बात कहने की आदत ने डालें। तब देखें कि आपको ऐसा करने से कैसा महसूस होता है।

यह आप के लिए खुशी का एक नियम है।

जब आप देखते हैं कि यह करने से आप दूसरों को कितनी खुशी और आनंद देते हैं तो आप अच्छा महसूस करेंगे। लेने से अधिक मज़ा देने में आता है।

कोशिश करके तो देखें ।

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